Author Raman Kumar Jha
I m author as well as Teacher
19/03/2026
या देवी सर्वभुतेषु मातृ रूपेण संस्थिता नमस्तयै नमस्तयै नमस्तयै नमो नमः जय माता दी नवरात्र पर्व की हार्दिक शुभकामना मां प्रथम शैलपुत्री
19/03/2026
19/03/2026
कुवैत में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर विस्फोटों की खबर मिल रही है. इससे पहले ईरान ने कतर में दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट पर मिसाइल दागीं. ईरान से हमले अमेरिकी सैन्य ठिकानों के बाद अब पड़ोसी देशों के तेल और गैस प्लांग पर ट्रांसफर हो गए हैं.
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20/02/2026
#इजाजत( हिंदीं कविता )
कभी तुम नही दिखे जहाँ में
देखा ये जग सारा संसार,
सब कहते है तेरा है सब कुछ
फिर कहाँ छुपे हो पालनहार।।
छोड़ गया मुझको अकेला
तोहे ढुंढा बेसूमार
ढुंढे से भी नही मिला तू
सब जग ढुंढा बारम्बार।।
ये जग छोटा तु बडा़ है
कही भी दिख जाओगे
इधर उधर क्यो जाउं मै
यहाँ भी तो आओगे।।
क्यों न आते रे सांवरियाँ
बोलो कब तुम आओगें
अबकी जो न आया छलिया
अपने पास मोहे पाओगे।।
मै ही आ जाता हूँ मोहन
तुम शायद नही आओगे
रमन को ही ईजाजत दे दे
आकर वही मनाएंगे।।
© रमन कुमार झा
# #हिंदीकविता
18/02/2026
ेपैन_माँ_यैई_अहुँ_निरमोहिया
किये नय अहाँ माँ यैई लेलियै खबरिया। 2।
बिलटल बेटा माँ यैई कटैय्ये अहुरिया
किये नय अहाँ माँ यैई.....
कैन-कैन कऽ बड़ कहलौउ मैय्या बेर बेपैत बेपता के फाँस
हमरा अहाँ सम्हैर लिए माँ बेपता के करियौउ माँ नाश।।2।।
सुनलौ नय अहाँ माँ यैई हमर अरजिया
किये नय अहाँ माँ यैई.....
अइबते हेथिन मैय्या रानी मोन हमर ई आश माँ
थाकल हारल बेसुध बेटा अहुछिया कटय परान माँ।।2।।
एलियै नय अहाँ माँ यैई बेर बेपतिया
किये नय अहाँ माँ यैई.....
खाइस पड़लौउ माँ बेपते खधिया हुकैर हुकैर हम कनय छी
नयनन नोर सुखेलय मैय्या किस्मत पड़ हम हँसय छी।।2।।
रमन बेपैन माँ यैई अहुँ निरमोहिया
किये नय अहाँ माँ यैई.....
© रमन कुमार झा
16/02/2026
ी_के_माँ_दास
मैय्या कोन रूप में पुजूँ हम अहाँ के यैई
रूप अहाँ अनेको यैई ना
मैय्या.....
अहाँ शक्ति के अवतार राक्षस के केलौउ संहार। 2।।
हमरो काल कलेशबा हरियौउ अहाँ श्यामा यैई
कुलदेवी कल्याणी यैई ना
मैय्या.....
अहाँ अन्नपुर्णा अवलम्ब अहाँ जगतारणी जगदम्ब
अन्न धन घर दुअरिया भरियौउ अहाँ लक्ष्मी यैई
विष्णु प्रिये महरानी यैई ना
मैय्या.....
अहाँ ज्ञान कुंज प्रकाश रमन अही के माँ दास
दियौउ बुईध ज्ञान वरदानी माँ ब्रह्मणी यैई
वेद विज्ञान के ज्ञानी यैई ना
मैय्या.....
नव दुर्गा दश विद्या रूप से सब अही के स्वरूप
सदिखन रक्षिया करबय सकल जगत शरणागत के
औरदा देबय संतति के ना
मैय्या.....
© रमन कुमार झा
16/02/2026
ोगिया_अलबत्ते_बहिना
गिरी कैलाश शिखर पड़ बैसल जोगिया जोग लगेने छय
भाल चंद्रमा हाथ त्रिशुलबा जटा सऽ गंगा बहय छय
गिरी कैलाश.....
त्रिकालदर्शी तीन नयन सऽ तीनु लोक के तकय छय। 2।
त्रिभुवनपति शिव तीनु भुवन केर खोज खबरिया रखय छय
गिरी कैलाश.....
दृश्य अदृश्य दिगम्बर दानी कण कण में वो वसय छय। 2।
निरंकार ओंकार सदा शिव सुख समृद्धि बटय छय
गिरी कैलाश.....
ई जोगिया अलबत्ते बहिना अपने माहुर पिबय छय
रमन शिव सरकार जगत के सबके अमृत बटय छय
गिरी कैलाश.....
© रमन कुमार झा
15/02/2026
#महायोगी
विशाल हृदय आसमान जैसा
दिल मानो धरती समान ,
धुनी रमाये बैठा योगी
अपने धुन मे अंतर्ध्यान।
अविरल बहे गंगा की धारा
लालट सोभे पूर्णिमा चान,
कंठ बिच नागमणि चमके
मानो सहस्त्र सूर्य समान ।
बाघंम्बर आसन पर बैठा
निर्मल बहे निरंतर ज्ञान ,
चारों तरफ आलौकिक किरणे
कैलाश लागे स्वर्ग समान ।
सफेद बर्फ की चादर ओढ़
दशो दिशा में दुर्लभ रंग ,
इन रंगो को दिशा देकर
योगी खुद लागे बेरंग।
यक्ष ,गंधर्व ,देवी ,देवता
झूमे नाचे गाए उमंग,
अद्वितीये दृश्य देखकर
रमन मन हो गया दंग।
दूर दूर सन्नटा पसरा
ओम स्वर गुंजयमान,
अदृश्य शक्ति के आगोश मे
घिरा सारा ब्रह्मांड।
त्रिशूल पर नजर टिकाये
जो आदिशक्ति का धरे ध्यान,
त्रिकालदर्शी, त्रिभुवन पति
तुझे कोटि-कोटि प्रणाम।
जिसे पाने कि चाहत मे
आदिशक्ति बनी तपस्विनी,
अनंत काल तपस्या करके
तपोबल से बनी अर्द्धांगिनी।
हे नाथ अंतर्यामी
तू आरंभ अंत है,
नमन करो स्वीकार महादेव
तू एक और अनंत है।
तीनो लोक का गूढ़ रहस्य
तेरे अंदर बंद है,
सुर ,नर ,मुनी ,देव, देवता
उसी तलाश मे लामबंद है।
हे योगेश्वर हे नागेश्वर
तुही महाकाल है,
भूत, प्रेत, विघ्न, बाधा
रूप तेरा विकराल है।
शीश नवाये खड़ा चरणों मे
चरण वंदना स्वीकार करो,
शरणागत को शरण मे लेकर
मृत्यु लोक से उद्धार करो।।
© रमन कुमार झा
15/02/2026
#डरे_परेली_विध_विधकरी
कल्पांतकारी त्रिभुवन त्रिपुरारि भंगिया महादेव गौरी दुलारी
कोना कऽ रहती धिया हमर यौउ। 2।
घर नय घरारी खेत नय पथारी
कल्पांतकारी त्रिभुवन...
मुरछित मयना परिक्षन बेरिया
बाबा बिषम्भर बनल छैईथ जोगिया
गल मुण्डमाला हाथ त्रिशुलबा रूप भयावह बसहा सवारी
कल्पांतकारी त्रिभुवन...
सह सह बिषहर आंङन बारी भुतबा परेतबा मारे पिहकारी
सगरो देहिया भषम रमेने भीख मँगय छय दुल्हा भिखारी
कल्पांतकारी त्रिभुवन...
रमन सदा शिव स्वयंभू दिगम्बर
लीला करय छैईथ भोला भंडारी
भाग गय बहिना भागु यैई काकी डरे परेली विध विधकरी
कल्पांतकारी त्रिभुवन...
© रमन कुमार झा
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