Gautam Kumar Priy Rational
Founder and Editor-in-Chief of - Arjak Sangh Official Tv Follow- @GautamPriyArjak On All Social Media
i am a people and blogs youtuber over 2 lakh 18 thousand plus subscribers
27/04/2026
अर्जक संघ मेरे लिए सिर्फ एक सोच नहीं है, यह मेरे जीवन का उद्देश्य बन चुका है। जब-जब समाज में अंधविश्वास, पाखंड और अन्याय को देखा, तब-तब भीतर से एक आवाज उठी कुछ बदलना है, कुछ करना है।
इसी भावना के साथ हमने सोशल मीडिया के माध्यम से अर्जक संघ के विचारों को लोगों तक पहुँचाने का काम शुरू किया और धीरे-धीरे यह आवाज लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुँची।
इस सफर में रास्ते आसान नहीं थे कभी गालियाँ मिलीं, कभी धमकियाँ, कभी मुकदमों का सामना करना पड़ा लेकिन हर बार एक ही चीज़ ने संभाला अर्जक विचारों पर अटूट विश्वास।
आज जब पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो संतोष होता है कि जो बीज बोया था, वह अब एक मजबूत आवाज बन चुका है लेकिन दिल के किसी कोने में एक कसक भी है कि यह आवाज अब जमीन पर भी उतनी ही ताकत से गूंजनी चाहिए। इसलिए अब एक नया संकल्प लिया है अर्जक संघ को सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहने देंगे, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर, हर गांव, हर समाज, हर इंसान तक पहुँचाएंगे।
जिस निष्ठा और ईमानदारी के साथ हमने अर्जक विचारों को करोड़ों लोगों तक पहुँचाया है, उसी ताकत और समर्पण के साथ अब इसे जमीन पर भी करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बनाकर दिखाएंगे। यह सिर्फ एक संगठन नहीं है यह उम्मीद है, यह बदलाव है, यह एक नई सोच की शुरुआत है। संघर्ष अभी बाकी है और यह सफर अब और भी मजबूत होने वाला है।
Dr. Ambedkar जी का संविधान चलेगा नहीं तो भीमा कोरेगाँव दोहराएंगे | Pramod Baudh Official Song | ह बहुजन चेतना से भरा हुआ शक्तिशाली गीत महान विचारकों जैसे Dr. B. R. Ambedkar, Gautama Buddha, Jyotirao Phule, Periyar E. V. Ramasamy और Ravidas के विचारों को समर्पित है। इस गीत में बहुजन समाज की जागरूकता, संविधान की ताकत, और मनुवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष को जोरदार तरीके से प्रस्तुत किया गया है, गायक Pramod Baudh Official Mission Singer यह गाना उन सभी लोगों के लिए है जो समानता, न्याय और संविधान के रास्ते पर चलते हैं। इस वीडियो में आपको मिलेगा बहुजन महापुरुषों की विचारधारा Battle of Bhima Koregaon की प्रेरणा संविधान और सामाजिक न्याय का संदेश मनुवादी सोच के खिलाफ आवाज अगर आप भी बहुजन मूवमेंट, संविधान और सामाजिक न्याय के समर्थक हैं, तो इस वीडियो को जरूर देखें, लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करें।
16/04/2026
जिस महापुरुष ने अपना सम्पूर्ण जीवन अंधविश्वास, पाखंड और ब्राह्मणवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष में समर्पित कर दिया, आज उसी बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर दूध चढ़ाकर उन्हें हिंदू देवी-देवताओं की तरह प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है। यह केवल श्रद्धा का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है उन्हें उनके मूल विचारों से अलग कर ब्राह्मणीकरण करने की कोशिश।
इतिहास इसका साक्षी रहा है। तथागत गौतम बुद्ध, जिन्होंने वेदों, यज्ञों और कर्मकांडों का विरोध किया, उन्हें भी बाद में विष्णु का नौवां अवतार घोषित कर उनकी क्रांतिकारी विचारधारा को कमजोर करने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप, बौद्ध धरोहरों पर सिंदूर और कर्मकांड थोपकर उनकी मूल पहचान को धूमिल किया गया। आज की ये तस्वीरें चीख-चीख कर कह रही हैं कि पहले बुद्ध का ब्राह्मणीकरण किया गया, अब बाबासाहेब अंबेडकर को उसी राह पर ले जाने की कोशिश हो रही है।
बाबासाहेब ने स्वयं कहा था मैं हिंदू के रूप में पैदा हुआ, यह मेरे वश में नहीं था लेकिन मैं हिंदू के रूप में मरूंगा नहीं। और अंत में उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। उनका जीवन तर्क, विज्ञान, समानता और मानवता का प्रतीक था, न कि अंधविश्वास और कर्मकांड का। दूध चढ़ाना सम्मान नहीं, बल्कि उनके विचारों का अपमान है। यह प्रयास उनके क्रांतिकारी मिशन को कमजोर करने और समाज को फिर से पाखंड की ओर धकेलने का एक माध्यम है।
Swami Anand Swaroop Exposed | अंबेडकर और अंबेडकरवाद को 20 फीट नीचे दफनाएंगे? | Arum Kumar Gupta | इस वीडियो में माननीय अरुण कुमार गुप्ता जी ने पाखंडी बाबा स्वामी आनंद स्वरूप के जातिवादी और घृणित बयानों का जोरदार पर्दाफाश किया है। स्वामी आनंद स्वरूप ने अपने बयान में कहा कि “अंबेडकर और अंबेडकरवाद को 20 फीट नीचे दफनाया जाएगा” जो न सिर्फ सामाजिक न्याय के खिलाफ है बल्कि संविधान और समानता की भावना का भी अपमान है। इस पर जवाब देते हुए अरुण कुमार गुप्ता जी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज बहुजन नेता अपने-अपने राजनीतिक स्वार्थ में बँटे हुए हैं। लेकिन जिस दिन बहुजन, अर्जक और शोषित समाज एकजुट हो जाएगा, उस दिन ऐसे पाखंडी और धूर्त बाबाओं को 120 फीट नीचे दफनाने की ताकत समाज में मौजूद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को मिटाने की बात करते हैं, वे दरअसल समाज को फिर से अंधविश्वास, पाखंड और जातिवाद की गुलामी में धकेलना चाहते हैं। इस वीडियो में देखें स्वामी आनंद स्वरूप के बयानों का पर्दाफाश, अंबेडकरवाद पर हमला और उसका जवाब, बहुजन एकता की ताकत, अंधविश्वास, पाखंड और जातिवाद का सच यह वीडियो हर उस व्यक्ति के लिए है जो समानता, न्याय और वैज्ञानिक सोच में विश्वास रखता है।
Arun Kumar Gupta | अंबेडकरवाद को 70 फीट दफना और खत्म करना धर्म का काम है | Swami Anand Swaroop Ka Pol Khol | इस वीडियो में माननीय अरुण कुमार गुप्ता जी ने धूर्त पाखंडी बाबा स्वामी आनंद स्वरूप के जातिवादी और नफरत फैलाने वाले बयानों का जोरदार जवाब दिया है। स्वामी आनंद स्वरूप ने बेहद आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा कि “अंबेडकरवाद को खत्म करना धर्म का काम है” और यहाँ तक कहा कि “अंबेडकरवादी राक्षस हैं” उसने दावा किया कि पहले राज्य सत्ता पर कब्जा हो चुका है और अब धर्म सत्ता पर कब्जा किया जाएगा, साथ ही अंबेडकरवाद को 20 फीट नीचे दफनाने जैसी मानसिकता भी सामने रखी। इन सभी बेतुके और संविधान विरोधी विचारों का करारा जवाब देते हुए अरुण कुमार गुप्ता जी ने न केवल इनकी सोच का पर्दाफाश किया, बल्कि ऐसे पाखंडी, अंधविश्वासी और जातिवादी बाबाओं को समाज के लिए खतरा बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग समानता, न्याय और मानवता के प्रतीक डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को मिटाने की बात करते हैं, असल में वही समाज को पीछे ले जाने की साजिश कर रहे हैं। इस वीडियो में देखें अंधविश्वास और पाखंड का खुलासा, जातिवादी मानसिकता का सच, बाबाओं के झूठे दावों का पर्दाफाश, अंबेडकरवाद की सच्चाई और उसकी ताकत यह वीडियो उन सभी लोगों के लिए है जो सामाजिक न्याय, समानता और वैज्ञानिक सोच में विश्वास रखते हैं।
Ambedkar Jayanti Song | मनुवादियों का कहड़ है छाया, चलो संविधान पढ़ो जी | Pitar Balamua Official Gana | 14 अप्रैल के पावन अवसर पर Dr. Bhimrao Ambedkar जी की जयंती को समर्पित यह जागरूकता गीत “चलो संविधान पढ़ो जी” समाज में शिक्षा, समानता और अधिकारों का संदेश देता है। इस गीत में मनुवादी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाते हुए मूलनिवासियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और Constitution of India को पढ़ने का संदेश दिया गया है। गीत के बोल "अरे मनुवाद का कहर है छाया, मूलिवासियों को वो सताया चलो संविधान पढ़ो जी, भीम का परिमाण पढ़ो जी" यह गीत केवल एक संगीत नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो हमें शिक्षा, समानता और स्वाभिमान की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।
#दलित_एकता ्रैल
Dashrath Manjhi Song | हम तोहार बनवऊ दशरथ मांझी तू बनहिए फगुनियां गे | Pitar Balamua Official | “प्रेम के लिखs बाबू अमर कहानी याद करतऊ दुनिया गे हम तोहार बनवऊ दशरथ मांझी तू बनहिए फगुनियां गे” सच्चे प्यार और समर्पण की एक मिसाल है। इस गाने में प्रेम की गहराई को दशरथ मांझी जैसे अटूट इरादे से जोड़ा गया है, जो अपने प्यार के लिए पहाड़ तक तोड़ देते हैं। इस गाने को अपनी मधुर आवाज़ में गाया है पीटर बलमुआ ने, जो इस गाने के मूल (Original) गायक हैं। आजकल कई कलाकार इस गाने को गा रहे हैं, लेकिन इसका असली श्रेय केवल पीटर बलमुआ को ही जाता है। यह गाना उन सभी लोगों के लिए है जो सच्चे प्यार में विश्वास रखते हैं और अपने रिश्ते को हर मुश्किल में निभाने की ताकत रखते हैं।
Ambedkar Jayanti Song | बहुजनवा हो कहे जय भीम बोले में लागे लाज | 14 April | Pitar Balamua | 14 अप्रैल Ambedkar Jayanti के पावन अवसर पर पेश है एक जबरदस्त बहुजन जागरूकता गीत "बहुजनवा हो कहे जय भीम बोले में लागे लाज" इस गाने को अपनी दमदार आवाज दी है Pitar Balamua Official ने जो समाज को जागरूक करने और बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। यह गीत उन लोगों के लिए एक संदेश है जो आज भी "जय भीम" बोलने में हिचकिचाते हैं। अब वक्त है जागने का, अपने अधिकार पहचानने का और गर्व से जय भीम कहने का यह गाना समर्पित है Dr. B. R. Ambedkar के संघर्ष, विचार और बहुजन समाज के सम्मान के लिए।
Subhash Yadav ने अपने को राक्षस क्यों कहा? स्वर्ग नहीं नरक में जाना चाहते है? | Andhvishwas Exposed
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