Unbound Script
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अंधे घोड़े फ़ौज में दौड़े’ सिर्फ एक नौसैनिक प्रशिक्षण की कहानी नहीं, बल्कि एक दुबले-पतले गुजराती लड़के के जज़्बे, संघर्ष, हास्य और आत्म-परिवर्तन की सच्ची दास्तान है, जो आगे चलकर हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम बना। लेकिन यह सिर्फ आत्मकथा नहीं है। इसमें जान को ख़तरे में डालकर किये जाने वाले रोमांचक सैन्य ऑपरेशन हैं, नेवल जासूसी की छुपी हुई दुनिया है, कठिन प्रशिक्षण को खुशगवार बनाने वाले लम्हे हैं और सबसे बढ़कर यह अपने सपनों का पीछा करने वाले मज़बूत मन की दास्तान है।
इंडियन नेवी पर आधारित हिंदी का अलहदा उपन्यास
30/07/2026
संविधान सभा में आदिवासी अब प्री बुकिंग के लिए उपलब्ध हैं।
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29/07/2026
नया संस्करण - उड़ने वाला फूल
उपासना की यहाँ प्रस्तुत रचानाएँ विधाओं के बीच आवाजाही का सुन्दर उदाहरण हैं। ये फ़्लैश फिक्शन के नज़दीक नज़र आती हैं लेकिन इनमें कविता, संस्मरण और स्केच की छायाएँ भी आती जाती दिखती हैं। इनमें ऐसे क्षणों को कोमलता से दर्ज किया गया है जो अन्यथा देखने से छूट जाते हैं। अछूती बिम्बात्मकता के बावजूद ये सरल भी हैं, बहुलार्थक भी। इनसे गुज़रकर पाठक के देखने और सोचने का तरीक़ा वह नहीं रह जाता, जो इससे पहले था। उसमें स्मृति के प्रति थोड़ी रागात्मकता बढ़ जाती है, दृष्टिकोण में कुछ अपरिचित आयाम जुड़ जाते हैं।
Available on: www.unboundscript.com
27/07/2026
छरबिंदा पर लेखक रवींद्र आरोही की समीक्षा।
https://sammukh.com/rabindra-aarohi-2/
इस खास इंटरव्यू में ममता कालिया जी ने अपनी नई पुस्तक 'गमछा' पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक की कहानियाँ किन अनुभवों, लोगों और सामाजिक परिवेश से जन्म लेती हैं तथा एक लेखक अपने आसपास की दुनिया को किस तरह शब्दों में ढालता है।
बातचीत के दौरान स्त्री विमर्श पर भी खुलकर चर्चा हुई। ममता कालिया जी ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और स्पष्ट किया कि भारतीय समाज में स्त्री विमर्श को एक ही नज़रिए से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने साहित्य, समाज, बदलते समय और महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार बेहद सहज और बेबाक अंदाज़ में रखे।
यह बातचीत केवल एक किताब तक सीमित नहीं है, बल्कि लेखन, समाज, स्त्री-अनुभव, कहानियों की रचना-प्रक्रिया और एक रचनाकार की सोच को समझने का अवसर भी है। यदि आप हिंदी साहित्य, कहानी, समकालीन लेखन और लेखकों के विचारों में रुचि रखते हैं, तो यह इंटरव्यू आपके लिए अवश्य देखने योग्य है।
27/07/2026
लेखक सत्य व्यास जी को जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं।
Satya Vyas
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