Dictator

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29/08/2024

क्या आप वास्तव में स्वतंत्र हो? सच बताइएगा आपके विचारों का स्वागत है!

15/03/2024

मेरा विश्वास मानिए, ज़िंदगी के इस सफ़र में अपने किस्मत के हिस्से में आई सारी कथित लड़ाइयां आपको अकेले ही लड़नी होती हैं। कोई साथी नहीं होता। सब भ्रम है। सब मात्र भौतिक रूप में ही साथ होते हैं। किसी को नहीं पता होता, किसके भीतर क्या चल रहा है, कौन किस द्वंद्व में उलझा है, डूबा है, कौन कहां अटका है, कौन कहां भटका है...!

बाहर से अच्छे-अच्छे खूबसूरत कपड़ों, तेल-क्रीम/कॉस्मेटिक्स लगाए, पद के गहनों में ढके, मुस्कुराते हुए सारे लोग खूबसूरत लगते हैं। लेकिन सबके भीतर अलग-अलग स्तर के बहुआयामी युद्ध चल रहे होते हैं। अज्ञानतावश, हर व्यक्ति उन युद्धों में बुरी तरह घायल होता है।

जीवन के उस युद्ध में आप ही अर्जुन होते हैं और आप ही खुद के कृष्ण होते हैं। आपके भीतर बैठे कृष्ण के न जाग पाने की स्थिति में आप कमजोर पड़ने लगते हैं। अंधेरे में फटफटाने लगते हैं। अवसाद में चले जाते हैं। कई बार आत्महत्या कर लेते हैं।

इसलिए, जीवन में खुद को अर्जुन की तरह धनुर्धर बनाने के साथ-साथ भीतर के कृष्ण को जगाना न भूलें। बिना उनके लड़ाई अधूरी रह जाएगी। जीवन अंधेरे में ही बीत जाएगा, दूसरों को सिर्फ उतना ही महत्व दीजिए जितना उनका महत्व, बेवजह न आप दखल करें न करने दें।

इसलिए भीतर के कृष्ण को जगाइए। इसके लिए आप किसी भी क्षेत्र में हों, उस क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ-साथ खुद की आध्यात्मिक चेतना का भी अधिकतम विकास करिए। खुद की साधना करिए। खुद को साधिये। ताकि, जीवनपथ में कृष्ण मुस्कुराते हुए आपका (अर्जुन का) रथ हाकते चले..
Writer!!

24/11/2022

स्त्रियों में बड़ा स्नेह होता है।
पुरुषों की भांति उनकी मित्रता केवल पान-पत्ते तक ही समाप्त नहीं हो जाती।
- मुंशी प्रेमचंद

22/11/2022

गुलामी भरी मानसिकता के साथ आगे मत बढ़ो की दुनिया तुम्हारा ख्याल रखेगी वह तुम्हें कुछ देगी बजाय इसके अपनी खूबियों के साथ अपने कार्यों के साथ अवसरों की तलाश करके उनको परिणाम में बदलकर इस दुनिया की तरफ फेंको वही दुनिया पीछे तुम्हारे खड़ी होगी यह तुम्हें देखना है ताकना है या एक नजीर प्रस्तुत करना है स्वयं की सफ़लता की .....
Anonymous

05/11/2022

एक विद्यार्थी को जीवन में सफल होने के लिए किन नियमों का पालन करना चाहिए?
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१. कभी-कभी टीवी के सभी चैनल बदलने के बाद आपको कुछ समझ नही आता और आप रिमोट रख के शांत बैठ जाते है। बस ये बात आपको यह सिखाती है कि पढ़ते समय अकसर ऐसी परिस्थितियों का सामना होता है। तो शांत बैठ जाइए, कुछ ना सोचिये और फिर उस घण्टे या दिन के बाद फिर से शुरुआत कीजिये। देखियेगा, मनपसंद चैनल पर बेहतरीन चैनल की तरह पढ़ाई में मन लगने लगेगा।
२. एक जंगल मे एक बाबा रोज़ गीता का पाठ करते। घण्टो वहां उनके शिष्य सुनते और चले जाते। वहां आश्रम में काम करने वाला नौकर भी काम करते हुए सुनता वही पाठ। एक दिन वही नौकर एक सन्त महात्मा बन गए। अर्थात विद्यार्थी जीवन में आपको सोते जागते अपने ज्ञान-चक्षु खुले रखने है। पढ़ाई का अर्थ यह नही कि इम्तेहान में लिखा और प्रतिशत ले आये।

विद्यार्थी जीवनकाल नरम साबुन की तरह है जिसमे चाबियों के निशान बन जाते है। यही चाबियां भविष्य के हर ताले खोल देंगी।
३. यदि माँ कहे कि बेटा मेरे पास सिर्फ कुछ ही पैसे है तो तुम्हे या तो चॉक्लेट दिला सकती हूं या खिलौना। तब आपके अंदर का बचपना आपको फटाक से उत्तर दे देता है कि क्या चाहिए। बस उसी तरह अपने अंदर के बड्डपन से ये निर्धारित कीजिये कि क्या पढ़ना ज्यादा लाभकारी है यदि समय कम हो तो। तभी देखियेगा, की इम्तेहान की मिठास आपको मिलेगी।
४. राजू के पास 40 हजार की बाइक है, और सूरज के पास 40 लाख की कार। इसके लिए सूरज ने बहुत लोगो से उधार लिया हुआ है। आप किसे सन्तुष्ट मानेंगे? बस वही बात विद्यार्थी जीवन मे आपको सीखना है। यदि आप समझकर अच्छे से पढ़ कर 60 या 70% भी लाते है तो आप ज्यादा महान हैं ना कि बिना समझे, रट के 90% लाएं तो।
५. जब आप बहुत गर्म या बहुत तीखा खा लेते है तो तुरंत बर्फ या मीठा खाते है ताकि आपके स्वाद और मुँह का संतुलन बरकरार रहे। बस उसी तरह यदि आप कभी बहुत पढ़ लें तो बहुत छुटियाँ भी लें और मजे करे। और यदि आप बहुत छुटियाँ या आलस्य का मज़ा ले चुके हैं, तो अब वक़्त है कि खूब पढ़ें और संतुलन बनाएं।
६. आपने एक नई चप्पल खरीदी। शान से सूट बूट पहन के निकले। आलीशान कार में बैठ कर कहीं गए। जैसे ही आप उतरे, आपकी नई चप्पल में कील घुस गया और आपको चोट आ गयी। समझ आया कुछ? विद्यार्थी जीवन बिल्कुल ऐसा है। आप पढ़ें, लेकिन कभी उसपर घमंड करके अशिक्षित लोगो का उपहास ना बनाये बल्कि उनका सम्मान और सहयोग करें। यह विद्यार्थी जीवन में आपको प्रतिशत तो नही दिलाएगा लेकिन आपके जीवन के पाठ भी विद्यार्थी जीवन का ही भाग है।

सबसे महत्वपूर्ण बात-
सभी की जिंदगी अलग होती है, सभी के नजरिये अलग होते है तो सभी के लिए सफलता की परिभाषा भी अलग ही होती होगी ना!
किसी के लिए पैसा कमाना सफलता है, किसी के लिए नाम, किसी के लिए सरकारी नौकरी तो किसी के लिए प्राइवेट, किसी के लिए अपने पिता का बिज़नेस सम्हालना सफलता है तो किसी के लिए अपना बिज़नेस चालू करना, इत्यादि इत्यादि।
इसलिए,
" किसी दूसरे की सफलता के जूते में अपने पैर ना डालें। खुद के जूते से खुद के कदम चलिये और वास्तव में यही सफलता है "
Afterhours Anonymous

Photos from Dictator's post 22/08/2022

06/06/2022

क्या जयपुर क्या दिल्ली चौमू के चौराहे पर एक बूढ़ा बैठा नंगा
आते - जातों को पूछता कि क्यों भाई चंगा ?
जो रुक जाता उसे बोलता कि सुन भाई सेठा
जा आगरा , मुँह में ले ले आगरे का पेठा
या जयपुर जा के रँगवा ले पिछवाड़ा गुलाबी
मुझे लगा के कोई पागल है या फेर शराबी
मैं वेल्ला था जा बैठ गया उसके बाज़ू में और पूछा बाबाजी क्यों लगाई है तूने ये चिल्लमचिल्ली ?
वो बोला , जाहिलों का कोई शहर नहीं , क्या जयपुर क्या दिल्ली
वो बोला , मेरे गाँव में एक शाम एक बंदा घर पे लौटा थका - हारा
उसकी बीवी गई थी पड़ोसियों से माँगने भैंस का चारा पर उस बंदे को घर आते ही चाय चाहिए होती थी
और नहीं किसी की इस बारे में राय चाहिए होती थी
वो घर लौटी तो धर लिया उसको दिए लात और घूँसे मूत निकल गया सलवार में खून निकल गया मुँह से
फिर उसी हाल में पकड़ भगोना गई किचन के अंदर एक आग वहाँ चूल्हे में थी , एक उसके मन के अंदर
और दुख की बात तो ये है ऐसे क़िस्से आम हैं हर क्षेत्र में , प्लेन हो चाहे हिल्ली
क्योंकि,जाहिलों का कोई शहर नहीं , क्या जयपुर क्या दिल्ली
मुझे लगा कि बाबा है कुछ ज्यादा ही बड़बोला
पर उसने मेरी बात काट दी जैसे ही मुँह खोला
बोला ,
खंडेला ( सीकर , राजस्थान में एक जगह ) के बाज़ार में एक शाम हुआ ये क़िस्सा
एक ठेले से एक भूखे ने उठा लिया एक समोसा
फिर वहाँ खड़े थे सबने उसे धोया , दे मूँछों पे ताव वो दारासिंह हो गए
और घर जाकर के अपनी - अपनी बीवियों की बाँहों में सो गए
अगले दिन , उसी चौक पर , उसी जगह पर एक सिसकते मज़दूर के एक ठेकेदार भई खा गया पैसे
और वहीं खड़े थे चुप्पी साधे , मूँछों वाले भैंसे
सीना धँस गया , मूँछें नीची , हो गई निक्कर ढीली अरे सीना धँस गया , मूँछें नीची , हो गई निक्कर ढीली क्योंकि जाहिलों का कोई शहर नहीं , क्या जयपुर क्या दिल्ली!😂😂
@राहगीर

31/05/2022

आज आईएएस का रिजल्ट आया.. कहीं धूप कहीं छाया. जिन लोगों ने सफलता अर्जित की है उन्हें हृदय से बधाई एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएं किंतु जिनके. हिस्से में अंतिम परिणाम की धूप नहीं आ पाई... फिर भी इनकी लगन ,साधना और सतत परिश्रम का महत्व कथामपि अल्प नहीं है। यह उतना ही स्तुत्य व महीनीय है जितना कि सफल लोगों का.. साक्षात्कार से वापस आने कि अपनी पीड़ा और वेदना होती है। वह उन्हें भी है और हमें भी है ।इसी पीड़ा और वेदना में वरदान भी निहित होता है जो यह संकेत देता है की इसी क्षेत्र में हमारी जो भी कमियां रही हों उनकी संपूर्ण इमानदारी से पहचान की जाए और निर्ममता पूर्वक उन्हें दूर करते हुए अपने वांंक्षित सपनों को साकार किया जाए. दूसरा संकेत यह भी है की यदि हमारे लिए अवसर नहीं बचा है तो एक रास्ते खत्म होते हैं हजार रास्ते पलक बिछाए बैठे हैं। उन्हें पहचानें और उनपर चलने का प्रयास करें।
मेरी जिंदगी एक मुसलसल(संपूर्ण) सफर है।
जो मंजिल पे पहुंचा तो मंजिल बढ़ा दी।

भले ही आज परिणाम के दृष्टिकोण साक्षात्कार से वापस आने वालों का समूह हरा-भरा न हो किंतु सपनों की दृष्टि से यह भरा पूरा है । शीघ्र ही सघन प्रयास के द्वारा "रिक्तियां" भर दी जाएंगी,,,,,, ,, ,,, क्योंकि कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता....

01/02/2022

I want to say something.
Many times we read poetries, listen some music, watch some thing..
which envoke a rush of emotions in us.
We started thinking about broken pieces of our life and then comes the ocean of grief, trauma and self pity...
Having emotions are good and you can feel them ensures that still you have softness...
However never submerge in emotions for long.
Feeling sad about life, heart breaks...
Just listen some music, read shayaris and feel all that from deepest of your heart..
but only for 10 min, 30 min and maximum 1 hour...
After that wipe your tears and get ready to become bestest version of yourself..
Because still it's your life and you deserve to be happy .


# प्रेरणा

Photos from Dictator's post 26/01/2022

Gratitude to our country's freedom fighters,
Gratitude to our motherland, Gratitude to real heroes
We are united and just like Saffron,
White and Green we'll stay connected to each other.
#𝐇𝐚𝐩𝐩𝐲 𝐑𝐞𝐩𝐮𝐛𝐥𝐢𝐜 𝐃𝐚𝐲!!
#𝑱𝒂𝒊 𝑯𝒊𝒏𝒅🌞

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