Amit Ranjan
A Writer, Singer, Photographer, Traveller & story teller
15/05/2024
ये पोस्ट उन बच्चों और उनके माता पिता के लिए है जिनके क्लास 10th और क्लास 12 में 70 प्रतिशत से कम मार्क्स आए हैं । जिनके भी इससे ज्यादा नंबर हैं वो कृपया आगे ना पढ़ें ; गुस्सा आयेगा मुझपर 😁
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प्यारे छोटे बच्चों !
कल परसों तुम सबका क्लास 10th और बारहवीं का रिजल्ट निकला । रिजल्ट सुनकर तुम सभी के परिवार वाले; मतलब मम्मी पापा भाई बहन की मुस्कुराहट ही गायब हो गई होगी और तुम भी सहमे ही होगे बताते समय । भाई, माहौल तो खराब होना ही था घर का क्योंकि जहां तुम 70 प्रतिशत से कम अंक लाए हो या लाई हो ; वहीं भारत में लाखों बच्चे 90 प्रतिशत से ज्यादा मार्कस लाकर तुम सबके पास होने की खुशी को ही नष्ट कर दिए । कुछ बच्चों ने तो 97 प्रतिशत तो कुछ 98 प्रतिशत तो कुछ 99 प्रतिशत लाए हैं , शायद ।
टेंशन तो घर में होगा क्योंकि हम सब तो जी ही रहे हैं प्रतिस्पर्धा में बस, हर पल, हर जगह । जब जीत होगी तभी मुस्कुराएंगे नहीं तो मुंह बनाकर बैठे रहेंगे । हम सब के अंदर और हम सब माता पिता के अंदर भी तो एक सिकंदर है, जो हर जगह और हर चीज में बस जीतना चाहता है और वो जीत ही हमें बस खुश कर पाती है ; बाकि हारते ही हम टूट जाते हैं । यही तो सीखा है हमने अपने समाज और स्कूलों से ।
हालांकि, मैने भले ही यहां 70 प्रतिशत के नीचे वालों को ही इस पोस्ट को पढ़ने को कहा है पर यही कहानी 85 प्रतिशत वाले के यहां भी घटित हुई होगी क्योंकि उसने 90 प्रतिशत के आंकड़े को पार नहीं किया ।
थोड़ी सीबीएसई की भी बात बता दूं जो भारत के बहुत पढ़े लिखे लोगों से बनी होगी । ये काउंसिल या जो भी चीज है, इसने अनाउंस किया कि भाई! इस बार हम टॉपर्स की लिस्ट नहीं जारी करेंगे क्योंकि बच्चों में अवांछित प्रतिस्पर्धा हो जाती है । बहुत सही सोच थी । पर इस महान काउंसिल को सलाम है जिसने टोटल में तो कोई परसेंटेज नहीं लिखा पर हर सब्जेक्ट के बाद उसमे प्राप्त अंक जरूर लिख दिए ।
भाई, जब तुमने नंबर्स लिख ही दिए तो ये भारत के लोग जिसमे स्कूल और गार्जियन दोनो, कहां मानने वाले; इन्होंने खुद ही जोड़ जाड़ कर टॉपर्स घोषित कर दिए । अब कुल मिलाकर सीबीएसई भाई का मकसद कीचड़ में मिल गया ।
सही तरीका ये था कि बच्चों के बस ग्रेड ही बताने थे, मार्कशीट पर ; ना कि उनके मार्क्स । अब लो; सभी स्कूल, गार्जियन अपने अपने सिकंदर की तस्वीर छापना शुरू कर दिए क्योंकि वर्चस्व का ये अंधा खेल खत्म थोड़े ही होगा ।
वैसे, हर जीतने वाला , किसी ना किसी से हार ही जाता है तो ले देकर एक ही जीतता है कोई लाखों में ।
बताओ, सीबीएसई हमसे दूसरों को नीचा दिखाने वाली चीज ही छीन रही थी । नंबर्स नहीं दिखेंगे ; केवल ग्रेड दिखेंगे मार्कशीट पर तो हमारे परिवार वाले, स्कूल वाले और खुद खुद बच्चे अपने से कम वालों को कैसे बता पाएंगे कि वो ऊपर हैं तुमसे और तुम नीचे । सुकून ही छीन जाता यार, पर थैंक्स सीबीएसई ।
खैर बच्चों, बेइज्जती तुम्हारी होनी थी; ये समाज है ; जिनके नंबर ज्यादा होते हैं और जिनकी पास पैसे ज्यादा होते हैं ; उन्ही की वाहवाही होती है । तुम चूक गए पर कोई बात नही 😁
अब बात ध्यान से सुनो । इस 10 वीं और बारहवीं की परीक्षा में कोई कितना भी नंबर लाए उससे घंटा कोई फर्क नहीं पड़ता जैसे कि आईपीएल में कितने भी रन बना लो , विश्व कप में जो रन बनाएगा वो ही हीरो होगा। शुभमन गिल हाईएस्ट स्कोरर में से था पिछले आईपीएल में ; वो फेल हो गया और आईपीएल मैच में जीरो पर आउट होने वाला मैक्सवेल 200 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप जीता दिया ।
ये मार्कशीट बस फाइल में रह जाएगी डेट ऑफ बर्थ बताने के लिए ; हालांकि आधार कार्ड ने ये भी हक उससे छीन लिया है 😁
इसलिए अब तुम सब पहले तो सब कुछ भूलकर खुश हो जाओ, और मुस्कुराओ क्योंकि पास कर गए हो भाई । फेल भी हो गए हो तो ज्यादा सोचने का नहीं; अगले साल पास कर जाओगे । कौन सा जल्दी पढ़ाई पढ़कर कोई बहुत बड़ा आविष्कार करने वाला है कोई । इसलिए, मिठाई चॉकलेट केक जो मन में आए खरीदो और खाओ खिलाओ जमकर, क्योंकि ये पल फिर लौट कर नहीं आएगा ।
और, हंसते मुस्कुराते हुए, आगे आने वाली परीक्षाओं पर ध्यान दो और कोशिश करो अपना सबसे अच्छा करने का । कहीं ना कहीं, कुछ ना कुछ तो जरूर अच्छा होगा तुम्हारे साथ और फिर जब वर्षों बीत जायेंगे तो सब एक ही काम करोगे; नौकरी और नौकरी में चाहे कोई कितना भी बड़ा बन जाए; रहता है नौकर ही 60 साल तक ।
कुछ कर लेना अलग नहीं तो बन जाना तुम भी कोई नौकर । इसलिए मेरे प्यारे बच्चा पार्टी; जश्न मनाओ कि तुम पास कर गए हो या कर जाओगे आज नहीं तो कल और तुम भी वो सब पा लोगे जीवन जीने के लिए जो तुम्हे चाहिए होगा ।
तो फिर काहें तो लोड लेने का । मस्त रहो और खूब खुश रहो क्योंकि इस जीवन का हर पल कीमती है और उसे मुंह बनाकर बर्बाद कर देना ही अपराध और असली हार है ।
चीयर्स तो ऑल ♥️
Love You बच्चों ♥️
14/09/2023
आइए हिन्दी में ही सब कुछ करें पर गाली कभी जोश में आकर हिन्दी में ना दें.....अंग्रेजी में ही दें 😁
26/08/2023
दूसरे का मजाक उड़ाने में बड़ा मजा आता है पर खुद का मजाक जब लोग बनाने लगते है तो इतना दुख क्यों होता है ?
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(१) "अबे बहुत मोटा है बे तू ; घर का खाना सारा तू ही खा जाता है क्या; बाकी लोग क्या भूखे सोते हैं " लोकेश ने जितेंद्र से कहा जिसे वो अपना दोस्त कहता है । जितेंद्र शर्मिंदा हो गया।
(२) "क्यों शीतल ? तुम तो दिन पर दिन मोटी होते जा रही हो और पति तुम्हारा दुबला होते जा रहा है । खुद खाने के बाद जो बचता है वो खिला रही हो क्या उन्हें ?" एक लिपस्टिक लगाई हुई जींस पहनी हुई औरत ( मतलब लेडी) ने एक साड़ी पहनी हुई औरत से तेज हंसते हुए कहा । साड़ी वाली औरत का चेहरा उतर गया।
(३) " संजू, सुन ना; थोड़ा वो वाला गाना सुना ना...तबुतर दा दा दा....; तेरी तोतली आवाज में बड़ा मस्त लगता है सुनने में " रॉकी ने ठहाका मारते हुए भरी महफिल में सभी के सामने ये बात कही । संजू मुस्कुरा तो रहा था पर उसके दिल को चोट पहुंच गई थी।
(४) " 35 की उम्र में 53 के उम्र के लग रहे हो; सारे बाल तुम्हारे सफेद होने लगे हैं, यार बूढ़े, तुम तो अभी ही हो गए हो l देखना तुम्हारे उम्र की लड़कियां तुम्हे अंकल ना बोलने लगे " संजय ने अमितेश से हंसते हुए ऑफिस में सबके सामने ये बात कही । अमितेश घर में खाना खाने तो बैठा है पर संजय की बात ने उसे स्ट्रेस में डाल दिया है । वो बार बार खुद को आईने में देख रहा है और निराश होकर बैठ जा रहा है।
(५) " मालूम है शिखा, अपने कॉलोनी में जो काली पूजा होती है न तो इस बार काली माता तुम ही बनना । तुमको मेकअप करने की जरूरत ही नहीं है । ऐसे ही तुम लग जाओगी। " मंदिरा कॉलेज वाली बस में सबके सामने ये बोलकर हंसने लगी । शिखा ने अपनी हंसी से अपनी आंखों को छुपा लिया ।
(६) " रेखा, तुम्हारी बिहारी अंग्रेजी सुनने के बाद ऐसा फील होता है कि साक्षात लालू यादव को सुन रहे हैं । सभी लोगों को बड़ा मजा आता है तुम्हारी वाली अंग्रेजी सुनकर । जब भी हंसना हो तो तुमसे कोई बोलवा ले बस " मंजीता ने हिहीही करते हुए सभी लड़कियों को देखा क्लास में; वो सब भी हंसने लगीं । आज रात रेखा को नींद नहीं आ रही । वो बार बार कोस रही है खुद को कि काश उसके पापा के पास भी इतने पैसे होते कि उसको सरकारी स्कूल नहीं बल्कि कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाए होते तो आज उसकी भी अंग्रेजी उन्ही स्मार्ट लड़कियों की तरह होती ।
(७) " अरे, निलेश! तुम्हारे लिए डिस्काउंट रहना चाहिए । तुम्हारे हाइट में तो कपड़ा भी आधा लगेगा पैंट सिलवाने में । सही है भाई तेरा । ट्रेन में तुम और तुम्हारी बीबी एक ही सीट पर आ जाते होगे । एक टिकट में हो तुम लोग का काम हो जाता होगा ।" अजय ने दोस्तों के साथ होती हुई पार्टी में हंसते हुए कहा और सभी दोस्त नीलेश को देखकर हंस दिए । निलेश की आंखें झुक गई थी पर वो अपनी हल्की सी नकली मुस्कुराहट में अपनी फीलिंग को व्यक्त नहीं करना चाहता था।
ऐसी तमाम हरकतें हम जान बूझकर अधिकतर टाइम और कभी कभी अनजाने में सामने वाले से करते हैं और ये कभी नहीं एक पल के लिए भी सोचते हैं कि कितना दुख लग सकता है, कष्ट हो सकता है किसी को ये सब सुनकर । हमें तो बस मजाक शब्द बोलकर दिल दुखाने की आदत सी हो गई है ।
पर सोचिए, कमियां निकलने की बात की जाए तो भाई, कमियां तो किसी में भी निकाली जा सकती हैं अगर सामने वाला चाह ले तो । फिर जब पलटकर वही वैक्ति या फिर कोई और आपकी कमी निकालकर आपका मजाक उड़ाता है तो आप उसे मजाक के रूप में नहीं लेते; आप उसे इंसल्ट का नाम देते हैं ।
गजब की विडंबना है । मैं मजाक करूं तो वो मजाक है और मेरा कोई मजाक करे तो वो इंसल्ट है । बड़ा ही मजेदार ये सिद्धांत है । और सोचिए, ये वाले सिद्धांत का पालन करने वाले लोग ज्यादा हैं ।
अब लीजिए न , सचिन , वही जिसने सीमा हैदर का हाथ थामा है ; उसका मजाक उसकी पड़ोसन मिथिलेश भाटी ने जमकर किया; देशवासियों ने भी किया खूब इंटरनेट पर और मीडिया ने तो हद कर दी । बड़ा मजा आ रहा था सभी को । अब जब किसी ने मिथिलेश भाटी के पति को फोटो लगाकर मजाक उड़ाना शुरू किया तो भाटी बहन तुरंत दुखी हो गईं और लोगों से अपील करने लगीं कि उनके पति को बीच में न लाया जाए । ये तो कमाल की बात है । सचिन झींगुर इत्यादि है.. ये सब बोलकर हंसने में कितना मजा आ रहा था पर अब क्या हो गया...लोगों का मन भर गया है सचिन से तो अब आपकी बारी है ....
प्यार करिए, मोहब्बत करिए...किसी का भी मजाक बनाना, नीचा दिखाना मजाक का नाम देकर आपको क्षणिक मजा देगा पर याद रखिए आपकी भी बारी आएगी । झेलने के लिए तैयारी रखिएगा ।
इसलिए, आइए इस नीचा दिखाने वाली इस मजाक प्रथा को बंद करें अपने अपने स्तर पर । हर इंसान खूबसूरत है, प्यारा है, चाहे वो मोटा है, ये छोटा है, या गोरा है, या काला है, या लंगड़ा है, या अंधा है, या जो है ।
चंद्रमा पर पहुंचकर हिंदुस्तान जिंदाबाद करने वाले इस महान देश के नागरिकों से मैं गुंजारिश करता हूं कि आइए किसी और को मजाक के नाम पर नीचा दिखाकर अपने मन को संतुष्ट करने की कोशिश ना करने की पूरी कोशिश करें ।
विज्ञान तो बहुत ऊपर चला गया आज और नैतिकता उतने ही नीचे । ♥️
जय हिंद ।
© अमित रंजन
24/08/2023
चंद्रयान 3 की सफलता की ढेरों शुभकामनाएं आप सभी को 📣
Many Many Congratulations to My Brother in Law Shri Gupteshwar Singh who works in ISRO as a scientist for the last 15 years in Bangalore.
Proud of You for being the part of the world's best organization which has the finest scientists of this planet, ISRO 🇮🇳
Wow moment for all of us 🇮🇳
(In Picture: My Sister Anamika Singh and her cute family ♥️)
23/08/2023
इसरो ने दिखा दिया है, क्या होता है असली विज्ञान,
पहुंचा दिया है जगह पर, अपना हिंदुस्तानी चंद्रयान 🇮🇳
वंदे मातरम 🇮🇳
© अमित रंजन
15/08/2023
गदर 2 !
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सिनेमा हॉल में भारत माता की जय करने में मजा आ जायेगा, इस फिल्म को देखते समय । सन्नी पाजी मतलब तारा सिंह जी गदर 2 में भारी गदर फैलाए हैं पाकिस्तान में । पिछली बार तो केवल हैंडपंप उखाड़े थे पर इस बार बिजली का खंभा, तोप गाड़ी का चक्का इत्यादि सब उखाड़कर पाकिस्तान की वाट लगा देते हैं ।
सनी पाजी के बेटा भी इसबार पाकिस्तान चला जाता है और वहां उसको भी प्यार हो जाता है मुसलमान लड़की से ; फिर शुरू होता है गदर ।
पाकिस्तान में भले ही गरीबी बहुत है पर वहां की लड़की कपड़ा बहुत सुंदर पहनती है ; पिक्चर में आपको देखने को मिलेगा । पाकिस्तान किस तरह भारत में रहने वाले मुसलमानों को गलत पाठ पढ़ाता है और हिंदुओं के खिलाफ भड़काता है, इसपर भी सनी पाजी ने प्रकाश डाला है ।
फिल्म तीन घंटे की है और अंत तक मजा आयेगा । लड़ाई मारकाट भी मस्त है और खूब आनंद आप उठाएंगे । पूरे परिवार के साथ देखने लायक फिल्म है । गाने वही हैं पर मजा और ज्यादा है ।
© अमित रंजन
15/08/2023
मुस्कुराहट है चेहरे पर, तो आजादी है,
मोहब्बत है आपस में, तो आजादी है;
दोस्ती है दिलों में, तो आजादी है,
सम्मान है एक दूसरे का, तो आजादी है;
धर्म के ऊपर इंसान है, तो आजादी है,
बराबर सबका मान है, तो आजादी है ।
आओ हम सब अपने दिलो दिमाग को नफरत, ईर्ष्या और प्रतिद्वंदिता से आजाद कर अपनी आजादी का जश्न मनाएं ♥️
हिंदुस्तान जिंदाबाद 🇮🇳
© अमित रंजन
07/08/2023
वेस्ट इंडीज से हारने और सीरीज में 2-0 से पीछे होने के बाद भारतीय टीम के फेंकू खिलाड़ी बात करते हुए:
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इशान किशन: धोनी भैया तो रिटायर कर गए हैं, पंतवा को चोट लगा है, केएल राहुल से होगा नहीं और भरत के बस की बात नहीं इसलिए वर्ल्डकप में हम ही विकेट कीपिंग करेंगे; ये पक्का है अब भले ही हम बैटिंग यहां कितनी भी खराब करें । और कोई ऑप्शन नहीं है सेलेक्टर्स के पास।
शुभमन गिल: वेस्ट इंडीज का कोई भी पिच बढ़िया से रोल ही नहीं किया गया है ; उबड़ खाबड़ है नहीं तो हर मैच में सेंचुरी बनाते हम ; इतना तो दम रखते हैं हम । आईपीएल में सबने हमको देखा ही है । इंडिया में खेलाओ तो बताएं क्या चीज हैं हम । मरती हैं लड़कियां मुझपर ।
सूर्यकुमार: जब वेस्ट इंडीज वर्ल्डकप में खेल ही नहीं रहा है तो मजा ही नहीं आता है बैटिंग में इसलिए हम जल्दी आउट हो जातें हैं ; वैसे भी कंकड़ बहुत है पिच पर जिससे दौड़ने में बन नहीं पा रहा है । अब फालतू का रन आउट से बचने के लिए आदमी अपना मुंह कान तो नहीं न फोड़वा लेगा ।
तिलक वर्मा: हम तो भाई पचासा बनाए हैं । मेरा तो वर्ल्डकप के लिए राजतिलक जरूर होगा । अगले तीनों मैच में चरस टाइप बैटिंग करेंगे, देखना ।
संजू सैमसन: इतना गर्मी है यहां पर कि ज्यादा देर तक क्रीज पर रहने में गर्मी लगने लग रहा है । इंडिया में खेलवा लो हमको फिर दिखाएंगे संजू का दम।
हार्दिक पांड्या: जब तक ग्राउंड में 10 हजार से ज्यादा दर्शक नहीं रहते हैं जिसमे लड़कियां ज्यादा रहें ,तो मेरा स्टाइल और रन मारने का बिल्कुल मन नहीं करता । हम हमेशा किसी भी मैच में बस भारत को वर्ल्ड कप जिताने की सोचते रहते हैं इसलिए ध्यान भटक जाता है ; नहीं तो दुनिया के बेस्ट ऑलराउंडर हैं हम । गुजरात टाइटंस के सब खिलाड़ी यही कहते हैं ।
अक्षर पटेल: हमसे अब क्रिकेट नहीं खेला जाता क्योंकि वेस्ट इंडीज में ढंग का गुजराती खाना नही मिलता है । भूखे पेट न हमसे बैटिंग होगी ढंग से और ना ही बॉलिंग ।
बिश्नोई: हमको तो ऐसे भी रोहित्वा वर्ल्ड कप के टीम में नहीं ही लेगा तो हम बस टाइम पास कर रहे हैं । टीम में जगह दो तो सीरियस होकर खेलें ।
अर्शदीप: खुद पर गुस्सा हमको आता है तो नो बॉल और वाइड बस फेंकते हैं। और हर मैच में हमको खुद पर बहुत गुस्सा आता है । बिना दारू पिए हम मैच नहीं खेलना चाहते और ये लोग हैं कि दारू का जुगाड ही नहीं करते । अब तो और फेंकेंगे हम वाइड और नो बॉल । ढंग से व्यवस्था करो अगर मेरे लिए तो वसीम अकरम के बाप हैं हम गेंदबाजी में ।
चहल: ई सब छोड़ो ; ससुरा, श्रेयस अय्यरवा को पहले निपटा ले फिर ढंग से मैच खेलेंगे ।
मुकेश: जब हारने लगती है टीम तो हमको बॉलिंग देकर बली का बकरा बना देता है हार्दिकवा नहीं तो दुनिया के वेस्ट बॉलर लोग हमको मानने लगा है, मतलब बेस्ट बॉलर ।
© अमित रंजन
अपने सभी दोस्तों के लिए........ ♥️
06/08/2023
हर कदम पर नए दोस्त मिलते गए,
हम मुस्कुराकर साथ चलते गए;
जिंदगी में फिर कई मोड़ आए,
जब रास्ते सबके अलग हो गए,
हम कहीं और चल दिए,
मेरे दोस्त कहीं और चले गए;
अब तो बात भी हजारों दिन में,
एक बार कभी हो पाती है,
पर सालों, याद तो तुम सबकी,
हमेशा, बहुत आती है, बहुत आती है ।
© अमित रंजन
(नोट: मोहब्बत जहां है वहां इंसान क्या जानवर भी दोस्त बन जाते हैं । जैसलमेर में ये प्यारा ऊंट कुछ ज्यादा ही दोस्त बन गया था और फोटो खींचते समय, प्यार से, मेरा कान काटने के लिए बेताब हो गया था 😁)
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