Harsh*t Raj
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🙏🙏🙏❣️❣️❣️🥀🥀🥀..... Harsh Raj
13/05/2026
पैसे वाले लोगों का कलेजा शायद बहुत मजबूत होता है।
पति की मौत के बाद भी शव के पास खड़े रहने का साहस हर किसी में नहीं होता।
हमने तो ऐसा दृश्य अधिकतर फिल्मों में ही देखा है। वास्तविक जीवन में अक्सर जवान पति की मृत्यु के बाद पत्नी गहरे सदमे में चली जाती है, कई बार उसे संभालने के लिए चिकित्सकीय सहायता तक की जरूरत पड़ती है। बुजुर्ग पति के निधन पर भी महिलाएँ बेहद असहज और टूट जाती हैं।
इसे गलत अर्थों में लेने की आवश्यकता नहीं है। हममें से अधिकांश लोग ग्रामीण परिवेश से आते हैं, जहाँ ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।
आपने ऐसा सिर्फ फिल्मों में देखा है या वास्तविक जीवन में भी?
रात दिया बुता के पिया का का किया,
29/04/2026
Date 👉[29/04, 10:00
शिक्षामित्रों के साथ न्याय करें हमारी लोकप्रिय सरकार
ऑर्डर शिक्षामित्रों के पक्ष में 👇👇
#इलाहाबादउच्चन्यायालय, 2026 की रिट संख्या 5954
#संतोषकुमार और 325 अन्य
बनाम
याचिकाकर्ता(ओं)
भारत संघ और 6 अन्य
....उत्तरदाता(ओं)
याचिकाकर्ता(कों) के वकील
#शिवपूजन यादव
प्रतिवादी(यों) के वकील
026:एएचसी:941
ए.स.ग.ई., सी.एस.सी., शशि प्रकाश सिंह, शिव कुमार पल, शिवेंद्र कुमार सिंह
न्यायालय संख्या - 52
#माननीय श्रीमती मंजू रानी चौहान, न्यायमूर्ति।
1. हमने याचिकाकर्ताओं के विद्वान अधिवक्ता श्री शिव पूजन यादव, प्रतिवादी संख्या 1 के विद्वान अधिवक्ता, राज्य-प्रतिवादी संख्या 2 और 5 के विद्वान स्थायी अधिवक्ता श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह (श्री शिवेंद्र कुमार सिंह की ओर से अधिवक्ता), प्रतिवादी संख्या 3, 4 और 7 के विद्वान अधिवक्ता और प्रतिवादी संख्या 6 के विद्वान अधिवक्ता श्री शशि प्रकाश सिंह की ओर से अधिवक्ता श्री रितेश सिंह की दलीलें सुनीं।
2. वर्तमान याचिका के माध्यम से, 326 याचिकाकर्ताओं ने इस न्यायालय से प्रार्थना की है कि प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाए कि वे उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड, प्रयागराज द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में #शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत #याचिकाकर्ताओं को #स्थायीसहायक शिक्षकों के रूप में नियमित करने/ #समायोजित करने के लिए स्थायी पद सृजित करें और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के जगगो बनाम भारत संघ और अन्य (2024 एससीसी ऑनलाइन एससी 3826), श्रीपाल और अन्य बनाम नगर निगम गाजियाबाद (2025 एससी ऑनलाइन 221) और धर्म सिंह और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के निर्णयों में की गई टिप्पणियों के आलोक में वेतन का भुगतान करें। और एक अन्य, जो 2025 एससीसी ऑनलाइन एससी 1735 में रिपोर्ट किया गया है, और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी दिनांक 11.06.2025 के निर्देश को ध्यान में रखते हुए, और माननीय न्यायालय द्वारा रिट-ए संख्या 3236/2026 (तेज बहादुर मौर्य और 114 अन्य बनाम भारत संघ और 5 अन्य) में दिनांक 09.03.2026 को पारित निर्णय के मद्देनजर, प्रतिवादी संख्या 2 को उपरोक्त प्रार्थना संख्या 1 में उल्लिखित शिकायतों के लिए याचिकाकर्ताओं के नए आवेदनों को स्वीकार करने का निर्देश देने के लिए एक और प्रार्थना की गई है।
3. याचिकाकर्ताओं के विद्वान वकील ने प्रस्तुत किया कि इससे पहले तेज के मामले में
डब्ल्यूआरआईए क्रमांक 595 1
तेजबहादुर मौर्य और 114 अन्य बनाम भारत संघ और 5 (रिट-ए संख्या 3236/2026) के मामले में, न्यायालय ने अतिरिक्त सचिव बेसिक शिक्षा (उत्तर प्रदेश), लखनऊ को सहायक शिक्षक के पद पर नियमितीकरण के लिए याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर विचार करने का निर्देश दिया है। साथ ही, रिट-ए संख्या 2021 (काफी अहमद खान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और 2 अन्य) में पारित एक निर्णय और आदेश पर भी भरोसा जताया गया है, जहां नगर निगम, बरेली में दैनिक आधार पर कार्यरत याचिकाकर्ताओं ने उपरोक्त संदर्भित सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों, जिनमें भोला नाथ बनाम झारखंड राज्य का मामला भी शामिल है, के आलोक में नियमितीकरण की मांग की है। और अन्य बनाम 2026 एससीसी ऑनलाइन एससी 129 में रिपोर्ट किए गए मामले में, न्यायालय ने रिट याचिका को स्वीकार करते हुए नगर आयुक्त निगम, बरेली को याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया है और पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए चार महीने का समय दिया है। उपरोक्त के मद्देनजर, याचिकाकर्ता के विद्वान वकील का निवेदन है कि याचिकाकर्ताओं को भी नियमितीकरण के लिए विचार किए जाने का अधिकार है।
4. प्रतिवादियों के विद्वान वकील का कहना है कि शिक्षा मित्रों की संख्या बहुत अधिक है, इसलिए शिक्षा मित्रों के नियमितीकरण के दावे पर विचार करते समय उचित आदेश पारित करने में काफी समय लगेगा।
5. मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए, यह रिट याचिका इस निर्देश के साथ निपटाई जाती है कि प्रत्येक याचिकाकर्ता प्रतिवादी संख्या 2 - अतिरिक्त मुख्य सचिव, बुनियादी शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ के समक्ष, सभी निर्धारित दस्तावेजों सहित, आज से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर अलग-अलग और विस्तृत अभ्यावेदन/आपत्ति प्रस्तुत करे। ऐसे अभ्यावेदन प्राप्त होने पर, प्रतिवादी संख्या 2, माननीय सर्वोच्च न्यायालय और इस न्यायालय द्वारा उपरोक्त मामलों में की गई टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए, याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के दावे पर कानून के अनुसार विचार करने का हर संभव प्रयास करेगा। संबंधित पक्षों को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद, तर्कसंगत और स्पष्ट आदेश के माध्यम से यथाशीघ्र, अधिमानतः इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत होने की तिथि से छह महीने की अवधि के भीतर यह विचार किया जाएगा।
27 अप्रैल, 2026
पोस्ट को इतना शेयर करो कि सरकार #शिक्षामित्रों को नियमित करने के लिए तैयार हो जाए।
29/04/2026
!! जय श्री राम,जय बागेश्वर धाम सरकार !!
🙏🙏एक बार पूरा जरूर पढ़े 🙏🙏
जब बात किसी महापुरुष की तपस्या, समर्पण, त्याग और मेहनत की होती है, तब अक्सर अच्छे लोग भी मौन रह जाते हैं; लेकिन जैसे ही किसी की बुराई की जाती है, तो गूंगे भी बोल पड़ते हैं।
1–2 दिन पहले की बात है—परम पूज्य गुरुदेव भगवान श्री बागेश्वर धाम सरकार ने एक प्रेस वार्ता में वीर मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके गुरु के प्रति उनके पूर्ण समर्पण भाव का उल्लेख किया। उन्होंने यह बताया कि गुरु के प्रति शिष्य का समर्पण इतना प्रबल होता है कि वह क्षणमात्र में सब कुछ त्यागने का संकल्प ले सकता है। किन्तु कुछ नासमझ मीडिया कर्मियों और हिंदू धर्म विरोधियों ने इसे तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया और हिंदुओं को बांटने की साजिश रचते हुए इसे अपमानजनक टिप्पणी का रूप दे दिया, जिसके बाद अनावश्यक विरोध शुरू हो गया।
पहले यह समझना चाहिए कि गुरु के प्रति शिष्य के समर्पण का वर्णन करना अपमानजनक कैसे हो सकता है? बल्कि यह तो शिष्य की निष्ठा, श्रद्धा और आस्था को दर्शाता है।
जिन वीर योद्धाओं के कारण आज देश में हिंदुत्व सुरक्षित है, जिन्होंने हिंदुओं को एकजुट किया, जिनसे प्रेरणा लेकर पूज्य सरकार ने हिंदू राष्ट्र का संकल्प लिया—उनके प्रति कोई भी गलत भाव कैसे रख सकता है? जो व्यक्ति अपने आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहा है, वह उन्हीं के विरुद्ध कैसे बोल सकता है?
आज वही लोग, धर्मविरोधियो के मंचों पर बैठकर उल्टा-सीधा बोलने से , वे मौन रहते हैं; लेकिन जब कोई सनातन की बात करता है, तब विरोध शुरू हो जाता है।
हमारे पूज्य सरकार हर वर्ष अनेक अनाथ बेटियों के विवाह कराते हैं, बागेश्वर धाम पर निरंतर अन्नपूर्णा का आयोजन करते हैं, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिलता है। वे कथाओं के माध्यम से धर्म जागरण करते हैं, लोगों को धर्म विरोधियों से सावधान करते हैं, और हिंदुओं को एकजुट करने के लिए पदयात्राएं निकालकर जन-जागरण कर रहे हैं। बिना अपने स्वास्थ्य की परवाह किए वे प्रतिदिन 3-4 घंटे मात्र विश्राम करके लोगो की समस्याओं का समाधान करते हैं। विश्व का पहला मंदिर बागेश्वर धाम बनने जा रहा है जहाँ दानपेटियों और दान के पैसा से कन्याओं का विवाह और कैंसर हॉस्पिटल बनने जा रहा है । अपनी कथाओं में वे सदैव वीर योद्धाओं के पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
और आज वही पूज्य गुरुदेव, केवल वाणी से नहीं बल्कि अपने तप से सनातन की ज्योति प्रज्वलित करने हेतु—सनातन, अखंड भारत, हिंदू राष्ट्र और विश्व शांति के महान संकल्प को लेकर 21 दिनों की कठोर तपस्या के लिए बद्रीनाथ धाम से लगभग 5–6 किलोमीटर ऊपर उस दुर्गम स्थान की ओर कठोर साधना हेतु प्रस्थान कर रहे हैं, जहाँ सामान्य जीवन तो दूर, पशु-पक्षियों का जीवन भी संभव नहीं है। यह तपस्या केवल व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सनातन धर्म की शक्ति, एकता और जागरण का दिव्य संकल्प है।
एक बार सोचिए—आप किसके बारे में क्या कह रहे हैं?
कहीं आज का मीडिया और उसकी टीआरपी हमारे लिए पाप का कारण तो नहीं बन रही? आप केवल पूज्य सरकार का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि उन सभी की आस्था को ठेस पहुंचा रहे हैं, जिन्होंने सनातन का ध्वज देश-विदेश में ऊंचा किया है। साथ ही उन वीर योद्धाओं का भी अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने इस देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
“बटेंगे तो कटेंगे”—यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। हमें स्वयं तय करना है कि हम कैसे बंट रहे हैं और कहीं हम किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं बन रहे।
यदि आप हिंदुत्व के लिए लड़ नहीं सकते, तो लड़ने वालों के साथ खड़े रहें। यदि खड़े नहीं हो सकते, तो उनके लिए प्रार्थना करें। और यदि यह भी नहीं कर सकते, तो कम से कम उनका मनोबल गिराकर सनातन विरोधी न बनें।
हमारे पूज्य सरकार अत्यंत सरल स्वभाव के हैं। यदि आप सहयोग नहीं कर सकते, तो कृपया उन्हें कष्ट भी न दें। जिसने अपना संपूर्ण जीवन सनातन के लिए समर्पित कर दिया हो, उसकी भावनाओं को आहत करना अत्यंत अनुचित है। जो अपने परिवार और माता-पिता से भी महीनों तक समय नहीं दे पाते ,स्वयं का जीवन परमार्थ और सेवा में समर्पित किया है—उनकी भावना का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।
“बाक़ी आप जलन बरकार रखो, हमारे गुरुदेव अपना जलवा बरक़रार रखेंगे”
बागेश्वर धाम सरकार
28/04/2026
बड़ी खबर- अभी-अभी #पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ बड़ा #हादसा।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर प्राइवेट बस #पलटी
हादसे में 34 लोग #घायल, 12 लोग गंभीर
गंभीर घायल जिला अस्पताल लाए गए
सूचना पर #एसपी, #डीएम मौके पर पहुंचे
#लुधियाना से #आजमगढ़ जा रही थी #बस
बल्दीराय थाना क्षेत्र एक्सप्रेस-वे की घटना
गोरी काहे के कईलू गुमान हो कमरिया पर भला चलेll हॉट भोजपुरी सॉन्ग ll
27/04/2026
गंगा एक्सप्रेसवे: देश का सबसे लंबा (594 किमी) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब तैयार है. यह 12 जिलों को जोड़ते हुए प्रयागराज से मेरठ की दूरी मात्र 6 घंटे में समेट देगा. 120 किमी/घंटा की रफ्तार, एयरस्ट्रिप, हाईटेक टोल और दुर्घटना रोकने वाली 'अलर्ट स्ट्रिप्स' जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह प्रोजेक्ट यूपी की कनेक्टिविटी बदल देगा.
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दिल के दरबा राज करी कोनो राज कर जाई ll Bhojpuri song ll
बागेश्वर धाम में उमड़ा भारी भीड़ 🤔🤔