Drx. Rakesh Ranjan
मेरा व्यक्तित्व मैं हूं। और मेरा व्यवहार आप पर निर्भर करता हैं।
23/04/2026
''एकलव्यं हि साण्गुष्ठम्षक्ता देव दानवाः।
स राक्षसोरगाः पार्थ विजेतुं युधि कर्हिचित्।।''
अर्थात्
श्री कृष्ण अर्जुन से फिर कहते हैं, ''हे पार्थ! यदि एकलव्य अंगुष्ठ सहित होता तो देवता, दानव, राक्षस और नाग - ये सब मिलकर भी युद्ध में उसे जीत नहीं सकते थे।''
ीर_एकलव्य... िषाद_राज...🙏
14/04/2026
"ज्ञान के प्रतीक, भारतीय संविधान के निर्माता....
डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर शत-शत नमन.!💐
आइए, उनके द्वारा दिखाए गए 'शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो' के मार्ग पर चलने का संकल्प लें.!!
06/04/2026
बलिया के बांसडीह के दहताल मंझरिया गांव के निवासी अरुण साहनी ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), प्रयागराज द्वारा आयोजित परीक्षा में समीक्षा अधिकारी (Review Officer) पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।
हाल ही में आयोग द्वारा घोषित परिणाम में सैकड़ों अभ्यर्थियों के बीच अरुण साहनी ने सफलता प्राप्त की, जो उनके संघर्ष, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।
15/03/2026
सामाजिक परिवर्तन के महानायक मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती पर शत शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि.! 💐
अपनी सोशल इंजीनियरिंग से उन्होंने लोकतंत्र को एक नई चेतना दी। समाज के बारे में उनकी व्यापक समझ व विचार और उनका संघर्ष आज भी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं जो सामाजिक समरसता में भरोसा रखते हैं.!!
01/03/2026
कुछ 97 शतक से बेहतर होते हैं।🔥🔥
Gautam Gambhir
Sanju Samson
01/03/2026
जिस मौके की तलाश सैमसन ने उम्र भर की थी,
उस मौके को संजू ने क्रिकेट में अमर कर दिया है..❤️🔥
शानदार संजू सैमसन✌️❤️
बधाई टीम इंडिया✌️
उनके जीवन से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
गुरु द्रोणाचार्य के प्रति निष्ठा: एकलव्य गुरु द्रोणाचार्य से धनुर्विद्या सीखना चाहते थे, लेकिन द्रोणाचार्य ने राजधर्मी मर्यादाओं के कारण उन्हें अपना शिष्य नहीं बनाया। हार न मानकर एकलव्य ने वन में द्रोणाचार्य की मिट्टी की मूर्ति बनाई और उसे ही गुरु मानकर अभ्यास शुरू किया।
अभूतपूर्व धनुर्विद्या: निरंतर अभ्यास से वे इतने निपुण हो गए कि उन्होंने एक भौंकते हुए कुत्ते का मुँह बाणों से इस तरह भर दिया कि उसे कोई चोट भी नहीं लगी और वह भौंकना भी बंद कर गया। यह देखकर अर्जुन और द्रोणाचार्य भी दंग रह गए थे।
गुरु दक्षिणा और त्याग: जब द्रोणाचार्य को पता चला कि एकलव्य उन्हें ही अपना गुरु मानता है, तो उन्होंने गुरु दक्षिणा के रूप में एकलव्य के दाहिने हाथ का अंगूठा माँग लिया। बिना किसी संकोच के एकलव्य ने अपना अंगूठा काटकर अर्पित कर दिया, जो सर्वोच्च त्याग का प्रतीक माना जाता है।
अजेय योद्धा: अंगूठा देने के बाद भी एकलव्य ने उंगलियों से धनुष चलाने का अभ्यास किया और एक शक्तिशाली योद्धा बने। वे मगध नरेश जरासंध के सेनापति बने थे।
अंतिम समय: पौराणिक कथाओं के अनुसार, जरासंध की ओर से युद्ध करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के हाथों एकलव्य वीरगति को प्राप्त हुए थे। श्रीकृष्ण जानते थे कि महाभारत के युद्ध में एकलव्य की शक्ति पांडवों के लिए संकट बन सकती थी।
*जीवन के प्रति* *जिस व्यक्ति के पास*...
*सबसे कम शिकायतें हैं*...
*वही सबसे अधिक*
*सुखी है*
27/02/2026
महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद जी के बलिदान दिवस पर उन्हें सादर नमन.!
देश की आज़ादी के लिए उनका अद्वितीय साहस, अटूट आत्मबल और “आज़ाद” रहने का प्रण भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उनका जीवन हर युवा को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और राष्ट्र सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है.!!
21/02/2026
बक्सर जिले के जवहीं दियर में प्रिय बड़े भैया Ashish Kumar जी के तिलकोत्सव समारोह में सम्मिलित होकर उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं।
ईश्वर से कामना है कि यह नया जीवन सुख, समृद्धि और खुशियों से भरा रहे। 💞❣️🙏
#तिलकोत्सव
03/02/2026
Happy Birthday 🎂 🎁
God Bless You ❣️ 🙏
Devendra Nishad Ballia
प्रांतीय अध्यक्ष आदरणीय श्री Devendra Nishad जी की जन्मदिवस की ढेर सारी बधाई व हार्दिक शुभकामनाएं ।। 🎂🎊🎉🎈🎂
भगवान #निषादराज जी से आपकी दीर्घायु, सुख, समृद्धि, यश, वैभव, कीर्ति व उज्जवल भविष्य की कामना, करते हैं। 🙏
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